पत्रकार अपना काम आर्काइव में सुरक्षित कैसे रखें

याद रखें कि कोई भी व्यक्ति या संगठन आपके रचनात्मक कार्य को संरक्षित करने में दिलचस्पी नहीं लेगा। यदि आप समाचार मीडिया में अपने काम का रिकॉर्ड चाहते हैं, तो आपको खुद करना होगा। एक पत्रकार के रूप में आपका संग्रह कार्य महत्वपूर्ण है। समाचार अभिलेखागार चाहे अखबारी कागज के बंडल में हो, या माइक्रोफिच पर, पत्रकारों के व्यक्तिगत संग्रह में स्टेनो पैड पर, हर रूप में यह इतिहास की हमारी सामूहिक समझ में महत्वपूर्ण योगदान देता है। हमारा समय अस्थिर है, लेकिन उसका रिकॉर्ड सुरक्षित रखना जरूरी है।

ग्लोबल इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज़्म कॉन्फ्रेंस के रजिस्ट्रेशन खुल चुके हैं

सम्मेलन में दुनिया भर के उत्कृष्ट पत्रकार और मीडिया विशेषज्ञ अनेकों विषयों पर जानकारी साझा करेंगे। अनेक महाद्वीपों में फैले प्रतिभागियों के कारण सम्मेलन के पांचों दिनों को अलग-अलग टाइम ज़ोन के हिसाब से बाँटा गया है। सम्मेलन के उद्घाटन दिवस के दूसरे दिन मंगलवार, 2 नवंबर को अमेरिकी महाद्वीप के देशों से जुड़े पत्रकारों और विषयों की प्रमुखता रहेगी। अगला दिन 3 नवंबर बुधवार, यूरोप, अफ्रीका और अरब देशों के पर केंद्रित होगा। इसी तरह बृहस्पतिवार, 4 तारीख को एशिया और प्रशांत महासागर स्थित देशों के पत्रकार और विषय चर्चा के केंद्र बिंदु रहेंगे।

साक्षात्कार कैसे करें !

साक्षात्कार की तकनीक पर बहुत सारी उपयोगी सामग्री उपलब्ध है। साक्षात्कार के साथ ‘कला‘ शब्द का जुड़ना बहुत कुछ कह जाता है। साक्षात्कार की ‘तैयारी‘ और साक्षात्कार के दौरान ‘सुनना‘ भी महत्वपूर्ण शब्द हैं। आपके लिए उपयोगी प्रमुख साक्षात्कार तकनीक यहां प्रस्तुत है।

अमेरिकी चुनावों का कवरेज, पत्रकार क्या सीख सकते हैं !

संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए नवंबर 2020 का चुनाव काफी महत्वपूर्ण था। चुनाव से पहले कई प्रकार की आशंकाएं जताई जा रही थीं। इनमें मतदाताओं को डराने-धमकाने, मेल से भेजे गए मतपत्रों में हस्तक्षेप करने, मतदान में धांधली, विदेशी हस्तक्षेप की संभावना, खुले एवं गुप्त चंदे से जुड़े मामले जैसी चिंताएं शामिल थीं।
जीआइजेएन ने अपना पूरा ध्यान इस असाधारण चुनाव पर केंद्रित किया। हमने दुनिया भर के पत्रकारों की मदद के लिए संसाधनों की एक विशाल सूची बनाई। साथ ही, हमने उन सभी तरीकों और उपकरणों पर फोकस किया, जो फ्रंटलाइन पत्रकारों के लिए उपयोगी हों।

पत्रकारों के लिए बहुत उपयोगी है इंटरनेट का यह वेब इंस्पेक्टर !

इस web inspector tool (‘वेब इंस्पेक्टर‘ टूल) का अभी बेहद कम उपयोग किया जा रहा है। जबकि यह किसी वेबसाइट के ‘सोर्स-कोड‘ में छिपी हुई जानकारी का खजाना निकाल सकता है। यह किसी ग्राफिक्स का कच्चा डेटा भी निकाल सकता है। यह उन तस्वीरों और वीडियो को डाउनलोड भी कर सकता है, जिनके बारे में हमें लगता है कि इन्हें ‘सेव‘ नहीं किया जा सकता। ‘वेब इंस्पेक्टर‘ टूल और HTML basics (एचटीएमएल बेसिक्स) की सामान्य समझ हो तो पत्रकार किसी भी वेब-पेज से डेटा स्क्रैप कर सकता है। इसके लिए कंप्यूटर विज्ञान में पारंगत होने की आवश्यकता नहीं है।

फ्रीडम ऑफ इन्फॉर्मेशन पर GIJN की ग्लोबल गाइड: FOI टिप्स एंड ट्रिक्स

पूर्व भारतीय केंद्रीय सूचना आयुक्त शैलेश गांधी ने आरटीआई आवेदन को लेकर चार अहम् नियम बताए हैं। शैलेश गांधी का मानना है कि RTI आवेदन करते समय हमें अपनी भावनाओं को उसमें समाहित नहीं करना चाहिए। हम वास्तविक रहें और हमारे आवेदन में किसी तरह का आक्रोश या बदले की भावना नहीं होना चाहिए। हमारे आवेदन का उद्देश्य अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों का एहसास दिलाना है। हम खुद भ्रष्टाचार और गलतियों को रोकने की कोशिश न करें,  भ्रष्ट अधिकारियों को सजा देना और गलतियां  को करने से रोकने का प्रयास खुद न करें। हमें केवल चाही गई जानकारी पर ही केंद्रित रहना चाहिए। बिना किसी गुस्से या बदले की भावना के आरटीआई अधिनियम 2005 के बेहतर उपयोग पर ध्यान केंद्रित करें।

GIJN की ग्लोबल गाइड टू फ्रीडम ऑफ इन्फॉर्मेशन: प्रेरणादायक FOI

एफओआई आवेदनों को देखने वाली यूएस की वेबसाइट को मकार्रोक के संस्थापक माइकल मोर्सि ने FOI पर कई तरह के सुझाव  दिए हैं। इससे जुड़ी जानकारी तक पहुंचने और उसके महत्व पर 85 से अधिक उदाहरणों का संग्रह Freedominfo.org पर देख सकते हैं।

GIJN में सदस्यता

GIJN में सदस्यता के लिए केवल वही संस्थाएं पात्र होंगी जो किसी न किसी रूप से खोजी पत्रकारिता और डेटा जर्नलिज्म से जुड़ी हों। शासकीय संस्थाएं सदस्यता नहीं ले सकेंगीं। इसी तरह व्यक्तिगत स्तर पर पत्रकार और लाभ कमाने वाले संस्थान सदस्यता नहीं ले सकेंगे।

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